सिविल इंजीनियर कैसे बनें ?(Civil Engineer kaise Bane ?)

सिविल इंजीनियर कैसे बनें ?(Civil Engineer kaise Bane ?)


क्या आप सिविल इंजीनियर बनना चाहते हैं। और सिविल इंजीनियर कैसे बने जानना चाहते हैं। तो आप सही पोस्ट पढ़ रहे हैं आप इस पोस्ट में जानेंगे की civil engineer kaise bane ? सिविल इंजीनियर बनने के लिए कोर्स और कॉलेज How to become civil engineer in hindi (all information how to become civil engineer in hindi )। इस पोस्ट को पढ़ने के बाद सिविल इंजीनियर बनने से जुड़ी सारी जानकारी मिल जाएगी।

हाउ टू बीकॉम सिविल इंजीनियर

सिविल इंजीनियर कैसे बनें ? (How to Become civil engineer ?

(व्हाट इज सिविल इंजीनियरिंग)

सिविल इंजीनियरिंग क्या हैं ?(what is civil engineer in hindi )

सिविल इंजीनियरिंग एक तरह का प्रोफेशनल इंजीनियरिंग कोर्स है जिसे पूरा करने के बाद सिविल इंजीनियर (Civil Engineer) कहलाते हैं, सिविल इंजीनियर का काम Building और कंस्ट्रक्शन से जुड़े सभी प्रकार के काम होता हैं जैसे _ बिल्डिंग का डिजाइन, बिल्डिंग का बनाना, रोड डिजाइन, रोड बनाना , घर बनाना, बांध (Dam) बनाना, काम कैसे होगा तथा काम में क्या क्या समान लगेगा। इत्यादि सभी जिम्मेदारी वाला काम होता हैं।

सिविल इंजीनियर के प्रकार :

सिविल इंजीनियर दो तरह के होते हैं एक जूनियर सिविल इंजीनियर और दूसरा सीनियर सिविल इंजीनियर ।


जूनियर सिविल इंजीनियर बनाने के लिए 10th के बाद dioloma in civil engineering (डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियरिंग ) कोर्स को पूरा करने के बाद बन सकते हैं। इस कोर्स को करने का समय 3 वर्ष होता हैं । और दूसरा सीनियर सिविल इंजीनियर , सीनियर सिविल इंजीनियर बनने के लिए 12 th के बाद सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री लेना होता है। 12th के बाद सिविल इंजीनियरिंग कोर्स को करने में 4 साल का समय लगता हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद चाहे तो सिविल इंजीनियरिंग में Master in Civil engineering कर सकते हैं। 


सिविल इंजीनियरिंग में तरह तरह के इंजीनियरिंग विषय मिलेंगे जिसे आप चुन सकते है जैसे : 

Coastal Engineering (कोस्टल इंजीनियरिंग ),

Construction Engineering (कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग),

 Earth Quake engineering (अर्थ क्वेक इंजीनियरिंग ) और भी कई सारे विषय होते हैं।

जिसे पढ़ कर एक्सपर्ट बन सकते हैं।


Sub Disciplines List :

आउटसाइड प्लांट इंजीनियरिंग,

जिओटेकनिकल इंजीनियरिंग,

मटेरियल साइंस इंजीनियरिंग,

एन्विरोमेंट इंजीनियरिंग,

अर्थक्वेक इंजीनियरिंग,

कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग,

कोस्टल इंजीनियरिंग,

स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग,


सिविल इंजीनियर बनने के लिय योग्यता (Eligibility Criteria For Civil Engineer in Hindi ) :


1. जूनियर सिविल इंजीनियर बनने के लिए 10th के बाद डिप्लोमा कोर्स कर जूनियर सिविल इंजीनियर बन सकते हैं।


2. वही सीनियर सिविल इंजीनियर बनने के लिए 12th में साइंस विषय के साथ गणित (maths) , Physics (भौतिकी ) , chemistry (रसायन ) विषय से पास होना चाहिए।


3. 12th पास होने के बाद Civil इंजीनियरिंग में डिग्री यानी स्नातक (ग्रेजुएक्शन ) पूरा करें डिग्री लेने के बाद सिविल इंजीनियर बन जाते हैं।


4. डिग्री लेने के लिए अगर कॉलेज के एंट्रेंस एग्जाम (जैसे iit jee , other college entrance exam ) देना चाहते हैंतो इसके लिए 12th में 60% अंक होना चाहिए।

हाउ टू बिकम ए सिविल इंजीनियर टिप्स 

सिविल इंजीनियर कैसे बनें ? पूरी जानकारी हिंदी में (How To Become A Civil Engineer in Hindi )


1. 10th के बाद सिविल इंजीनियर बनने के लिए पॉलीटेक्निक जैसे एंट्रेंस एग्जाम दे कर डिप्लोमा कोर्स कर सकते है । डिप्लोमा कोर्स करने में 3 वर्ष का समय लगता हैं। डिप्लोमा कोर्स को करने के बाद जूनियर सिविल इंजीनियर कहलाएंगे। 


2. अगर सिविल इंजीनियर डिग्री लेना चाहते है यानी बैचलर में एडमिशन लेना चाहते है तो इसके लिए 12th में साइंस विषय होना चाहिए। साथ ही 12th Physics, Chemistry, Mathematics विषय होना चाहिए। 12th कक्षा में 60% अंक होना चाहिए एंट्रेंस एग्जाम योग्य होने के लिए।


3. एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करें :

12th पास होने के बाद B.Tech (बीटेक) जैसे एंट्रेंस एग्जाम का फॉर्म भरे । भारत में कुछ नेशनल लेवल पर जैसे iit, aieee, एंट्रेंस एग्जाम होते है । जिसे क्लियर करने के बाद एक बेहतर कॉलेज में दाखिला हो जाता हैं। national लेवल पर होने वाले एंट्रेंस एग्जाम में एक्जाम क्लियर करने के बाद मेरिट लिस्ट निकलता हैं और कॉलेज में दाखिला होने के लिए मेरिट लिस्ट में नाम आना अनिवार्य हैं।मेरिट लिस्ट में एंट्रेंस एग्जाम के अंक के आधार पर निकलता हैं। मेरिट लिस्ट में अच्छे रैंक होने से बेस्ट कॉलेज मिलता हैं । मेरिट लिस्ट में अच्छे रैंक हासिल करने के लिए मेहनत आवश्यक हैं।


कुछ स्टेट लेवल के एंट्रेंस एग्जाम होते हैं जिसे क्लियर करने के बाद स्टेट में बेस्ट कॉलेज मिलता हैं । साथ ही साथ प्राइवेट कॉलेज भी एंट्रेंस एग्जाम लेते है । जिसे क्लियर करने से फीस में छूट मिलता हैं। 


इसके अलावा कुछ कॉलेज बिना एंट्रेंस एग्जाम के एडमिशन लेते हैं। अगर ऐसे कॉलेज में दाखिला ले रहे है तो ये जरूर पता करे की कॉलेज में प्रैक्टिकल की सुविधा, के साथ बेस्ट टीचर फैसिलिटी हैं या नहीं ।


4.Civil इंजीनियरिंग बैचलर डिग्री पूरा करें

12th के बाद जैसे ही आप कॉलेज में एडमिशन ले लेते है तो यह 4साल तक सिविल इंजीनियर की पढ़ाई होती है । जहां पढ़ाई के साथ साथ प्रैक्टिकल नॉलेज दिया जाता हैं। यह सिखाया जाता है की कैसे घर, बिल्डिंग, रोड इत्यादि का मैप , डिजाइन बनाते हैं। यहां अच्छे से पढ़ाई करे और अंक प्राप्त करे अगर वाकई सिविल इंजीनियर बनना हैं तो.


5. इंटरशिप करें.

किसी भी डिग्री को लेना ही काफी नहीं होता है अभी के समय में, अभी के समय में प्रैक्टिकल नॉलेज के साथ एक्सपीरियंस होना बहुत ही जरूरी हैं , जो की इंटरशिप से पूरा हो जाता हैं। इंटरशिप करने से job मिलने में आसानी हो जाता है क्योंकि इंटरशिप में काम करने का अनुभव हो जाता हैं।


6. लाइसेंस और सर्टिफिकेट

एक प्रोफेशनल सिविल इंजीनियर बनने के लिए लाइसेंस होना बहुत ही जरूरी है । और लाइसेंस के लिए अनुभव होना जरूरी हैं।


इस तरह से 12th, फिर सिविल इंजीनियरिंग डिग्री , फिर इंटरशिप ,करने के बाद एक सिविल इंजीनियर बन सकते हैं।


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