केमिकल इंजीनियर कैसे बनें ? (Chemical Engineer kaise bane ?)

केमिकल इंजीनियर कैसे बनें ? (Chemical Engineer kaise bane ?)


हेलो दोस्तों आज हम इंजीनियरिंग करियर में एक बहुत ही इंटरेस्टिंग करियर ऑप्शन के बारे में जागेंगे जिसका वर्तमान समय और आने वाले दशक में काफी डिमांड हैं ..जिसका नाम है केमिकल इंजीनियर.(Chemical Engineer ) ...


दोस्तों अभी के समय में केमिकल इंजीनियर का काफी डिमांड  बड़ रहा है । इस करियर के बारे में हम विस्तार से जानेंगे की chemical Engineer kaise Bane (केमिकल इंजीनियर कैसे बनें ? ) केमिकल इंजीनियर बनने के लिए कौन सा कोर्स करें , ( Chemical Engineering Course ) और कॉलेज के बारे में ,.. साथ ही आपको केमिकल engineer से जुड़े करियर स्कोप और विस्तार से और कौन सा विकल्प हैं बताएंगे....


केमिकल इंजीनियर क्या है ( Chemical Engineer kya hai ) ( केमिकल इंजीनियरिंग के बारे में )


दोस्तों केमिकल इंजीनियरिंग , इंजीनियरिंग का एक शाखा  है जहां किसी भी प्रकार में कच्चे पदार्थ को उपयोगी पदार्थ में बदलने के लिए केमिकल प्रॉसेस का विकास करना और उपयोगी पदार्थ बनाना होता हैं। यह फील्ड केमिस्ट्री और इंजीनियरिंग दोनों का मेल हैं। 

केमिकल इंजीनियर अपने इंजीनियरिंग नॉलेज का उपयोग मिनरल प्रोसेसिंग, नैनो टेक्नोलॉजी के विकास , पेट्रोलियम रिफाइनरी टेक्नोलोजी, सिंथेटिक फाइबर्स टेक्नोलॉजी और इत्यादि इससे जुड़े फील्ड के विकास और अनुसंधान करने में करती हैं । इसमें केमिकल इंजीनियर  उपयोगी प्रोडक्ट बनने के लिए केमिकल  प्लांट का भी निर्माण करते हैं जहां इसका काम केमिकल प्लांट की डिजाइन करना और इससे जुड़े सभी मैंटेंस कार्य भी करने होते हैं ।


दूसरे शब्दों में कहें तो एक केमिकल इंजीनियर केमिकल का अध्ययन करते हैं जिससे केमिकल के मानव जीवन में उपयोगी बनाया जा सके।  केमिकल इंजीनियर केमिकल की मदद से नए प्रोडक्ट  बनाते हैं , हेल्थ केयर सेक्टर में केमिकल यानी रसायन की मदद से दवाई , मेडिकल मशीनरी का विकास करते हैं । और अन्य जहां भी रसायन का उपयोग होता हैं उस फील्ड में विकास करते हैं ।


केमिकल इंजीनियर जॉब प्रोफाइल  ( Chemical Engineer Work Profile ) :

एक केमिकल इंजीनियर का प्रमुख कार्य होता हैं की उपयोगी केमिकल प्रोडक्ट बनाना । प्रोडक्ट बनाने के लिए केमिकल प्लांट लगाना साथ ही केमिकल प्लांट का मेंटेनेंस जैसे प्लांट डिजाइनिंग, इक्यूपमेंट इंस्ट्लोशन , करना ।   इस फील्ड के एक्सपर्ट बिमारी पर रिसर्च करने के लिए बायो टेक फार्म में भी काम करते हैं । 


केमिकल इंजीनियर बनने के बाद आप चाहे तो  फूड प्रोसेसिंग, पेंट्स एंड डाइज, पेट्रोलियम रिफाइनरी,  मेटल रिफाइनरी, कॉस्मेटिक फाइबर्स टेक्नोलॉजी , मिनरल बेस्ड इंडस्ट्री जैसे फील्ड में भी काम करते हैं।


केमिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई जाने वाली टॉप विषय 


दोस्तों जब आप केमिकल इंजीनियर को पढ़ाई करेगे तो आपको ये विषय देखने को मिलेगा और ये सभी विषय की पढ़ाई भी करनी होगी जहां इसके बारे में इंडेफ्ट नॉलेज दिया जाएगा । आप इन में से किसी भी विषय में एक्सपर्ट बन सकते हैं ।


Chemical Reaction Engineering,


Chemical process Engineering,


एयर पॉल्यूशन कंट्रोल इंजीनियरिंग,


ये तीनो मुख्य विषय है इसके अलावे बहुत सारे विषय के बारे में सिखाया जाता हैं।


केमिकल इंजीनियर कैसे बनें  ( Chemical Engineer Kaise Bane )


दोस्तों केमिकल इंजीनियर बनने के लिए भारत में सबसे पहले आपको किसी भी मान्यता प्राप्त  बोर्ड से 10th कक्षा पास करना होगा जिसके बाद आप अपने सहूलियत के हिसाब से कोर्स कर सकते हैं । केमिकल इंजीनियर। बनने के लिए 10th के बाद डिप्लोमा कोर्स कर अपना करियर सवार सकते हैं और 12th के बाद बैचलर डिग्री लेकर यही नहीं अगर आप चाहते है की रिसर्च या वैज्ञानिक का काम करे या फिर अपने करियर और ज्यादा ग्रोथ पाए तो मास्टर डिग्री एवम मास्टर डिग्री ले कर अपने करियर में ग्रोथ पा सकते हैं ।


अब हम आगे सारे कोर्स और कॉलेज के बारे में बात करेगे साथ ही भारत में कौन कौन सी कंपनी केमिकल इंजीनियर कोर्स करने वाले विधार्थी को जॉब / नौकरी पर रखती है बात करेगे


केमिकल इंजीनियर बनने के लिए बेस्ट कोर्स ( chemical engineer banane ke liya best course )

Chemical Engineer kaise bane ? (केमिकल इंजीनियर कैसे बनें )

Diploma Course : 

केमिकल इंजीनियर बनने के लिए 10th के बाद डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं इसे करने में 3 साल का समय लगता है ।इसके लिए पॉलीटेक्निक जैसे एंट्रेंस एग्जाम पास कर सरकारी कॉलेजों में दाखिला ले सकते है जहां पर फीस बहुत ही कम लगता हैं । इसके लिए प्राइवेट कॉलेज में भी दाखिला ले।  डिप्लोमा कोर्स करने के बाद आप एक जूनियर केमिकल इंजीनियर के तौर पर काम कर सकते हैं।


Bachlor Course (डिग्री कोर्स ) : 

इस कोर्स को करने के लिए सबसे पहले फिजिक्स , केमिस्ट्री और मैथ विषय के साथ 12th कक्षा पास करना होगा जिसके बाद चाहे प्राइवेट या सरकारी कॉलेज से  केमिकल इंजीनियरिंग में बैचलर कर सकते है। कुछ कॉलेज के अनुसार 12th में कम से कम 50% अंक होने चाहिएं।  अगर आप चाहते है की सरकारी कॉलेज में दाखिला ले तो इसके लिए सेंट्रल या स्टेट , और प्राइवेट कॉलेज एंट्रेंस एग्जाम को क्लियर करना होगा।


पोस्ट ग्रेजुएट कोर्सेज :

आप चाहे तो बैचलर करने के बाद ही जॉब कर सकते है लेकिन यहां आपके करियर में ज्यादा ग्रोथ नहीं हो पाएगा इसके लिए आप चाहे तो पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स यानी केमिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री भी ले सकते हैं और करियर बना सकते हैं।


डॉक्टोरल कोर्सेज (pHd ) : 

रिसर्च या वैज्ञानिक या अपने करियर में सबसे ज्यादा ग्रोथ पाने के लिए डॉक्ट्रल यानी phd की डिग्री कर सकते हैं । इसे करने के लिए केमिकल इंजीनियरिंग में मास्टर की डिग्री होना बहुत ही जरूरी हैं ।


दोस्तों आप अपने सुविधा के अनुसार कोर्स कर अपने करियर को सवार सकते है अब आगे टॉप रिक्रूटर और कॉलेज की बात करेंगे 


टॉप कॉलेज फॉर केमिकल इंजीनियरिंग

हमारे हिसाब से अपने सुविधा और बैंक मनी के अनुसार कॉलेज का चयन करे लेकिन कॉलेज चयन करते समय ध्यान रखे की कॉलेज में प्रैक्टिकल और बेस्ट टीचर हो इसके लिए प्रीवियस स्टूडेंट से बात कर सकते है या फिर कॉलेज में बात करे की यहां प्लेसमेंट की क्या सुविधा है।

आईआईटी एक बेस्ट कॉलेज हो सकता है। इसका सेंटर पूरे देश में , रुड़की , गुवाहाटी, दिल्ली , कानपुर, मुंबई, खड़गपुर, मद्रास में हैं।


चेन्नई अन्ना यूनिवर्सिटी,


कोलकाता जादवपुर यूनिवर्सिटी वेस्ट बंगाल ,


केमिकल इंजीनियर टॉप रिक्रूटर्स :

BPCL, HPCL, oil india , HLL life care Ltd , गेल ये सरकारी रिक्रूटर है ।


केमिकल इंजीनियर टॉप प्राइवेट रिक्रूटर  :

 निरमा, फिजर इंक, पीरामल हेल्थकेयर लिमिटेड, इत्यादि।


दोस्तों हमने  यहां तक कोर्स कॉलेज और केमिकल इंजीनियर बनने के बारे में जाना अब हम जानते हैं की जब ये कोर्स करते हैं तो किन किन इंजीनियरिंग में एक्सपर्ट बन सकते हैं।


बायोमेडिकल इंजीनियरिंग : 

यह फील्ड हेल्थ केयर सिस्टम से जुड़ा हैं इस फील्ड में काम करने वाले केमिकल इंजीनियर का काम होता हैं हेल्थ केयर में उपयोग होने वाले रसायन और समान का निर्माण करना साथ ही उसका विकास करना जिससे हेल्थ केयर सिस्टम में सुधार आ सके ।


प्रॉसेस इंजीनियर :

प्रॉसेस इंजीनियर का काम होता हैं की केमिकल , फिजिकल, और बायोलॉजिकल के प्लांट प्रॉसेस का निर्माण और विकास करना । प्रॉसेस इंजीनियर ज्यादा तर केमिकल, पेट्रोकेमिकल, मिनरल प्रोसेसिंग, एग्रीकल्चर, फूड, एडवांस मैटेरियल, बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री  में प्रॉसेस इंजीनियर का काम होता हैं।


फूड प्रोसेसिंग इंजीनियर :

केमिकल इंजीनियर बनने के बाद  फूड प्रोसेसिंग इंजीनियर के रूप में भी काम कर सकते हैं । इस फील्ड में कच्चे मैटीरियल को फूड को बनाना होता हैं । फूड सेफ्टी , फूड रिजर्व और फूड कंजर्ब जैसे काम सामिल है इसका काम इसमें सुधार और विकास करना होता हैं।


पॉलिमर्स :

केमिकल इंजीनियर बनने के बाद पॉलीमर्स इंजीनियर के रूप में भी काम कर सकते है । इसमें पॉलीमर्स के से समान या इक्यूपमेंट को डेवलपमेंट और बनने का काम होता हैं ।


न्यूक्लियर इंजीनियर 

: इस फील्ड में इंजीनियर  केमिकल रिएक्शन और न्यूक्लियर रिएक्टर से संबंधित काम होते हैं  । इसका उद्देश न्यूक्लियर एनर्जी और रेडिएशन को अपने लाभ में लाना होता हैं ।


सैलरी केमिकल इंजीनियर

किसी भी करियर विकल्प में सैलरी उस संस्थान पर निर्भर करता है जहां आप काम करते हैं और सभी करियर ऑप्शन में अनुभव होने के साथ सैलरी पैकेज में मुनाफा होता हैं । उसी तरह जब डिप्लोमा कर कोई जूनियर केमिकल इंजीनियर की जॉब करता है तो लगभग 10000 प्रति माह सैलरी पैकेज भारत में मिल सकता हैं । वही सीनियर केमिकल इंजीनियर की शुरुआती सैलरी पैकेज 25000 से 50000 प्रति माह मिल सकता हैं । इस फील्ड में सैलरी पैकेज भारत में भले ही कम मिले लेकिन विदेश में इसकी मांग बहुत ही ज्यादा हैं ।


आपने जाना ;

दोस्तों हमने इस पोस्ट में केमिकल इंजीनियर कैसे बनें (Chemical Engineer kaise bane ) के बारे में विस्तार से बताया । साथ ही कॉलेज और कोर्स टॉप रिक्रूटर के बारे में भी बताया फिर भी कोई प्रश्न हो तो हमे जरूर लिखे.....



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